फिरोजाबाद। सरकारी राशन की बंदरबांट पर प्रशासन ने कड़ा प्रहार किया है। पूर्ति विभाग के विशेष सत्यापन अभियान में अब तक 4,204 अपात्र राशन कार्ड तत्काल निरस्त कर दिए गए हैं। जांच में सामने आए खुलासे इतने चौंकाने वाले हैं कि कई जगह मृतकों के नाम पर वर्षों से राशन उठाया जा रहा था, जबकि संपन्न परिवार आलीशान मकानों और खेती योग्य भूमि के मालिक होते हुए भी गरीबी का झूठा दावा कर सरकारी अनाज पर डाका डाल रहे थे।
जिले में कुल 4,61,989 राशन कार्ड पंजीकृत हैं। जिला पूर्ति अधिकारी स्वीटी ने बताया कि अभियान के तहत अब तक 1,38,597 कार्डों का घर-घर सत्यापन पूरा हो चुका है। जांच टीमों ने धोखाधड़ी के कई गंभीर मामले पकड़े।
प्रमुख खुलासे (इन्फोग्राफिक/बॉक्स के लिए):
- संपन्न परिवार: 3,236 कार्ड धारक आर्थिक रूप से मजबूत पाए गए (4-पहिया वाहन, बड़ी जमीन आदि) – सभी निरस्त।
- डुप्लीकेट कार्ड: 509 लोगों के नाम पर एक से ज्यादा कार्ड चल रहे थे – अतिरिक्त रद्द।
- स्वैच्छिक सरेंडर: 346 अपात्रों ने डरकर खुद कार्ड सौंप दिए।
- मृतकों का राशन: 113 कार्ड जहां मृत्यु के बाद भी राशन जारी था – सबसे गंभीर फ्रॉड।
दो हाईलाइट मामले (17 फरवरी 2026):
- गायत्री देवी (अंत्योदय कार्ड नंबर 214720199551): मृत्यु हो चुकी, फिर भी राशन उठाया जा रहा था – कार्ड तुरंत निरस्त।
- सुमन सेंगर (कार्ड नंबर 214740753424): पति विमल कुमार के नाम कृषि भूमि दर्ज – भूमि मालिक होने से अपात्र घोषित, कार्ड रद्द।
जिलाधिकारी रमेश रंजन ने साफ कहा कि अभियान जारी रहेगा। शेष कार्डों का भी गहन सत्यापन हो रहा है। अपात्र लोग स्वेच्छा से कार्ड सरेंडर कर दें, वरना अब तक लिए गए राशन की बाजार दर पर पूरी रकम वसूली जाएगी और कानूनी कार्रवाई भी होगी।
यह कार्रवाई राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने का प्रयास है। कई अन्य जिलों में भी ऐसे अभियान चल रहे हैं।
पाठकों से सवाल: क्या ऐसे फ्रॉड पर और सख्त कानून जरूरी है? अपने विचार कमेंट/लेटर टू एडिटर में भेजें।
विजुअल सजेशन (प्रिंट के लिए):
- राशन दुकान पर लाइन की फोटो
- निरस्त कार्ड की ग्राफिक इमेज
- डीएम/पूर्ति अधिकारी की मीटिंग फोटो
- जिले का मैप + आंकड़ों का चार्ट (3,236 संपन्न, 509 डुप्लीकेट आदि)

