वाराणसी: काशी में पुलिस की वर्दी पर एक और दाग लग गया है। एंटी करप्शन टीम ने दहेज उत्पीड़न के एक मुकदमे में आरोपी का नाम हटाने और धाराएं न बढ़ाने के बदले रिश्वत लेते काशी विद्यापीठ चौकी प्रभारी दारोगा शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव द्विवेदी को 20 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पूरा सौदा 50 हजार रुपये का था, जिसमें 20 हजार पहले और बाकी बाद में लेने की बात कही गई थी।
यह कार्रवाई सिगरा थाना क्षेत्र की काशी विद्यापीठ चौकी (जिसे इलाके की पॉश चौकियों में गिना जाता है) पर हुई। गिरफ्तारी के बाद दोनों के खिलाफ लालपुर-पांडेयपुर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने तत्काल प्रभाव से दोनों को निलंबित कर दिया है।
जानिए कैसे खुला मामला?
- चंदौली (छित्तूपुर) के हरिनगर निवासी प्रह्लाद गुप्ता के खिलाफ उनकी पत्नी ममता गुप्ता ने 6 अगस्त 2025 को दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
- इससे पहले चोलापुर थाने में एक अन्य दहेज केस में प्रह्लाद एक साल जेल काट चुका था।
- रिहाई के बाद आरोप है कि ससुराल पक्ष ने मारपीट और धमकियां दीं, और मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया।
- इस मामले की विवेचना काशी विद्यापीठ चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा कर रहे थे।
- प्रह्लाद ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत की कि चौकी बुलाकर केस खत्म करने के लिए 50 हजार रुपये मांगे गए। पहले 20 हजार देने को कहा गया, बाकी बाद में। रकम सिपाही गौरव द्विवेदी को सौंपने का निर्देश दिया गया।
ट्रैप ऑपरेशन और गिरफ्तारी
एंटी करप्शन टीम के निरीक्षक सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में जाल बिछाया गया। बुधवार को शिकायतकर्ता प्रह्लाद को साथ लेकर टीम चौकी पहुंची। तय योजना के तहत प्रह्लाद ने 20 हजार रुपये दिए, जिन्हें सिपाही गौरव ने अपनी जैकेट की जेब में रख लिया। टीम ने छापा मारकर दोनों को दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद हंगामा और वायरल वीडियो
- गिरफ्तारी की खबर फैलते ही सिगरा थाने के पुलिसकर्मियों ने हंगामा किया। काशी विद्यापीठ चौकी और लालपुर-पांडेयपुर थाने पर भारी भीड़ जुट गई।
- एंटी करप्शन टीम के साथ कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई। देर रात तक पुलिसकर्मी, अधिवक्ता और बार पदाधिकारी मौके पर डटे रहे। हालात काबू में रखने के लिए कैंट पुलिस बुलानी पड़ी।
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें सिपाही गौरव अपनी जैकेट से रुपये निकालकर फेंकता नजर आ रहा है। हालांकि एंटी करप्शन टीम का कहना है कि उनके पास वीडियो, फोटो और अन्य ठोस सबूत मौजूद हैं।
आरोपी दारोगा की पत्नी का दावा
गिरफ्तार दारोगा शिवाकर मिश्रा की पत्नी शिवानी (निवासी लखनऊ) ने वीडियो जारी कर पति को साजिश के तहत फंसाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एंटी करप्शन टीम के एक सदस्य ने पहले किसी मामले में “सेटिंग” का दबाव बनाया था और बात न मानने पर ट्रैप कर फंसा दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री और पुलिस आयुक्त से न्याय की गुहार लगाई।
शिवाकर मिश्रा बस्ती जिले का रहने वाला और 2019 बैच का दारोगा है, जबकि सिपाही गौरव द्विवेदी गोरखपुर का मूल निवासी है। मामले की जांच जारी है।

