लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर! कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी के अगले कदम पर लगे सस्पेंस का आज पर्दाफाश हो गया। पूर्व मंत्री सिद्दीकी ने स्पष्ट किया कि वे 15 फरवरी 2026 (महाशिवरात्रि) को समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल होंगे। लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाएंगे।

महाशिवरात्रि पर ‘शक्ति प्रदर्शन’ का संकेत

सिद्दीकी ने महाशिवरात्रि का दिन चुना है, जिसे राजनीतिक विश्लेषक एक मजबूत संदेश के रूप में देख रहे हैं। माना जा रहा है कि उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक – खासकर बुंदेलखंड क्षेत्र से – कांग्रेस और बसपा छोड़कर सपा का रुख कर सकते हैं। यह जॉइनिंग 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा की ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति को और मजबूती देगी।

सिद्दीकी का राजनीतिक सफर और अनोखा रिकॉर्ड

  • बसपा से शुरुआत: बुंदेलखंड (बांदा) के मूल निवासी नसीमुद्दीन सिद्दीकी बसपा के कद्दावर मुस्लिम चेहरे रहे। 1991 में पहली बार विधायक बने।
  • मायावती सरकार में ‘सुपर कैबिनेट’: मायावती के कार्यकाल में एक साथ 17 महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार संभाला – यह UP राजनीति में अनोखा रिकॉर्ड है। बुंदेलखंड में बसपा का आधार स्तंभ माने जाते थे।
  • बसपा से निष्कासन के बाद कांग्रेस: बसपा से निकाले जाने के बाद 8 साल कांग्रेस में रहे, लेकिन वहां तालमेल नहीं बैठा। 24 जनवरी 2026 को कांग्रेस से इस्तीफा दिया था।

सपा को क्या मिलेगा फायदा?

नसीमुद्दीन सिद्दीकी के आने से अखिलेश यादव को बुंदेलखंड (बांदा, हमीरपुर, महोबा आदि जिलों) में मजबूत कैडर और वोट बैंक मिलेगा। साथ ही मुस्लिम राजनीति में बड़ा बूस्ट – जहां सपा पहले से मजबूत है, लेकिन अतिरिक्त चेहरा पार्टी को और मजबूत करेगा। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि उनके साथ पूर्व मंत्री अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू और अन्य पूर्व विधायक भी सपा जॉइन कर सकते हैं।

यह कदम 2027 चुनाव से पहले बसपा और कांग्रेस दोनों को झटका देने वाला माना जा रहा है। सिद्दीकी का सपा में प्रवेश UP की सियासत में नया समीकरण बना सकता है!

दैनिक जिला नज़र – (नजरिया सच का) प्रिंट & सोशल मीडिया न्यूज़ नेटवर्क दैनिक जिला नज़र सत्यनिष्ठ पत्रकारिता और जनपक्षीय विचारधारा का विश्वसनीय मंच है। हम समाचारों को केवल प्रसारित नहीं करते—बल्कि उन्हें प्रमाणिकता, नैतिकता और गहन विवेक के साथ पाठकों तक पहुँचाते हैं। स्थानीय सरोकारों से लेकर राष्ट्रीय मुद्दों तक, हर सूचना को हम निष्पक्ष दृष्टि, आधुनिक संपादकीय मानकों और जिम्मेदार मीडिया आचरण के साथ प्रस्तुत करते हैं। प्रिंट की गरिमा और डिजिटल की गति—दोनों का संतुलित संगम है "जिला नज़र"। हमारा ध्येय है— सत्य को स्वर देना, समाज को दिशा देना। दैनिक जिला नज़र जहाँ समाचार विश्वसनीयता की भाषा बोलते हैं।

error: Content is protected !!
Exit mobile version