आगरा: ताजनगरी में एक बार फिर पारिवारिक रिश्तों ने खौफनाक रूप लिया। शाहगंज थाना क्षेत्र की अयोध्या कुंज कॉलोनी (अर्जुन नगर/नगला पोप) में 5 फरवरी 2026 की रात भाई ने अपनी सगी बहन अनीता कुशवाह (50-55 वर्ष) को सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी भाई रवि कुशवाह (हरि सिंह उर्फ रवि) को पुलिस ने 11 फरवरी को तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भाई-बहन के बीच पैसों के लेन-देन, मां के गहनों और पुरानी रंजिश को लेकर विवाद चल रहा था। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, रवि कुछ साल पहले मारपीट के मामले में जेल गया था, और अनीता ने ही उसकी जमानत कराई थी। जेल से छूटने के बाद रवि मां के गहने बेचने और पैसे मांगने का दबाव बनाता रहा, लेकिन अनीता ने विरोध किया। इसी विवाद ने खूनी रूप ले लिया।
घटना की रात रवि अपने दो साथियों के साथ बहन के घर पहुंचा। बहाने से (बिजली ठीक करने या बात करने के) दरवाजा खुलवाया। जैसे ही दरवाजा खुला, रवि ने तमंचा निकालकर अनीता के सिर में गोली दाग दी। गोली लगते ही अनीता की मौके पर ही मौत हो गई। पति श्याम सिंह कुशवाह (बिजली मैकेनिक) ने घटना देखी और पुलिस को सूचना दी। इलाके में दहशत फैल गई, जबकि रवि फरार हो गया।
पुलिस कार्रवाई
शाहगंज पुलिस ने हत्या (IPC 302/BNS समकक्ष) और शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया। 6 दिन तक फरार रहे रवि की तलाश में कई टीमें लगी थीं। तकनीकी साक्ष्यों (मोबाइल लोकेशन, CCTV) और मुखबिर की मदद से 11 फरवरी को आरोपी को दबोचा गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी के कुछ साथियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और उनकी तलाश जारी है।
यह घटना पारिवारिक विवादों के खतरनाक परिणामों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक तनाव, संपत्ति विवाद और पुरानी रंजिश अक्सर हिंसा में बदल जाती है। अनीता के परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि स्थानीय लोग सदमे में हैं।

