आगरा के ट्रांसयमुना क्षेत्र में शुक्रवार रात हुई राज चौहान हत्या की पूरी कहानी एक क्राइम स्टोरी की तरह है, जो अपराध की दुनिया में प्रवेश से लेकर खूनखराबे तक जाती है। यह घटना न सिर्फ गैंगवार की मिसाल है, बल्कि युवाओं में रंगबाजी और गैंग कल्चर के खतरों को भी उजागर करती है।

हत्या की पूरी घटना (24 जनवरी 2026, शुक्रवार रात)

ट्रांसयमुना थाना क्षेत्र के टेढ़ी बगिया, जलेसर रोड स्थित एसएन स्टे गेस्ट हाउस (या होम स्टे) में शराब पार्टी चल रही थी। राज चौहान अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंचा। किसी बात पर विवाद बढ़ा, जो इतना उग्र हो गया कि हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

  • राज चौहान पर 4 गोलियां लगीं (मुख्य रूप से सीने में)।
  • जान बचाने के लिए वह गैलरी की तरफ भागा, लेकिन वहीं गिर पड़ा।
  • मौके पर शराब की बोतलें, गिलास और अन्य सामान बिखरा मिला।
  • पुलिस ने इसे गैंगवार का नतीजा बताया है। कुछ रिपोर्ट्स में 10 राउंड तक फायरिंग की बात है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

यह होटल कुछ समय पहले पुलिस द्वारा बंद कराया गया था, लेकिन फिर भी यहां अवैध गतिविधियां चल रही थीं।

राज चौहान का क्रिमिनल बैकग्राउंड

  • मूल निवासी: हाथरस जिले के बेदई गांव का।
  • ट्रांसयमुना में: किराए पर रहता था।
  • बचपन से अपराध: कम उम्र में ही अपने दादा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार। नाबालिग होने पर 2 साल बाल सुधार गृह में रहा।
  • हालिया गतिविधियां:
    • दिसंबर 2025 में जानलेवा हमले के एक मामले में जमानत पर रिहा।
    • इलाके में अपना गैंग बनाया और हिस्ट्रीशीटर आलोक यादव के प्रभाव को चुनौती दी।
    • उसके भाई हर्ष चौहान ने सैकड़ों युवकों के साथ हथियारों का जुलूस निकाला, वीडियो वायरल होने पर न्यू आगरा थाने में मुकदमा दर्ज।
    • 9 मई को प्रिंस उर्फ काली यादव पर गोली मारकर अपहरण और मारपीट का मामला।
  • पुलिस रिकॉर्ड में वह रंगबाज और हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज था।

परिवार का दर्द और आरोप

मां नीरू चौहान मौके पर पहुंचीं और रोते हुए बोलीं:

  • “मेरे बेटे का कल जन्मदिन था… एक दिन पहले मार डाला।”
  • “चार लड़के सुबह कोर्ट गए थे, शाम को घर आए, बात की और उसे ले गए। मैंने उन्हें पहले कभी नहीं देखा।”
  • उन्होंने हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव के बेटे पर हत्या का आरोप लगाया।
  • शनिवार को मां की हालत बिगड़ गई – घर आने वाले हर शख्स को देखकर कहतीं, “यही मेरे बेटे को ले गया था।”

परिवार का कहना है कि वही चार साथी बाद में हत्यारे बने। पुलिस ने चाचा की शिकायत पर FIR दर्ज की है, जिसमें साथियों पर संदेह जताया गया है।

पुलिस जांच और अपडेट

  • ट्रांसयमुना पुलिस सक्रिय है, आरोपियों की तलाश में छापेमारी।
  • CCTV फुटेज वायरल हो रहा है, जिसमें हत्या से पहले बेल्टों से मारपीट दिख रही है।
  • हत्या का कारण: पुरानी रंजिश, गैंग वर्चस्व की लड़ाई (ठाकुर vs यादव बिरादरी के नाम पर भी चर्चा)।
  • पुलिस इसे गैंगवार मान रही है।

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