बरेली: जिले के थाना भोजीपुरा क्षेत्र में बरेली-नैनीताल (दिल्ली-लखनऊ) हाईवे पर स्थित अपना ढाबा में चल रहे अवैध देह व्यापार के रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया। शनिवार (7 फरवरी 2026) की रात की गई इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने तीन महिलाओं समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि ढाबा संचालक मौके से फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
छापेमारी का विवरण
सहायक पुलिस अधीक्षक (हाईवे) शिवम आशुतोष ने रविवार को बताया कि मुखबिर से बड़ी बाईपास पर स्थित अपना ढाबे में अनैतिक गतिविधियां चलने की सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद भोजीपुरा थाना पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान ढाबे के बने कमरों में तीन महिलाएं और तीन पुरुष देह व्यापार में लिप्त पाए गए। साथ ही एक ढाबा कर्मी भी मौके पर था। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित बरामद किए:
- एक स्कूटी
- एक मोटरसाइकिल
- 07 मोबाइल फोन
- 2200 रुपये नकद
- कॉस्मेटिक सामग्री
- इस्तेमाल किए गए और नए निरोध (कंडोम)
आरोपियों के नाम
गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों में शामिल हैं:
- कुंवरपाल यादव (36), निवासी मेघानगला, थाना शहजादनगर, जिला रामपुर
- शोभाराम राजपूत (40), निवासी गिरधारीपुर, थाना इज्जतनगर, बरेली
- नाजिम शाह (40), वार्ड 13, थाना देवरनिया, बरेली
- परवेज (35), वार्ड 6, थाना देवरनिया, बरेली
- चांदनी (35), निवासी छोटी बिहार, थाना इज्जतनगर, बरेली
- पिंकी (34), पत्नी राजू, मूल निवासी उधम सिंह नगर (उत्तराखंड), हाल पता सीबीगंज, बरेली
- फूल बी (36), निवासी सुल्तानपुर, थाना बहेड़ी, बरेली
ढाबा मालिक गजेंद्र सिंह (निवासी रामगंगा बिहार, बरेली) मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश जारी है।
पूछताछ में क्या खुलासा?
प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ में महिलाओं ने कबूल किया कि वे अलग-अलग स्थानों से बुलाकर लाई जाती थीं। ग्राहकों से 500 से 2000 रुपये तक सौदा तय कर ढाबे के कमरों में भेजा जाता था। पुरुष आरोपियों ने भी पैसे देकर यहां आने की बात स्वीकार की। ढाबा कर्मी कुंवरपाल यादव ने बताया कि यह सब ढाबा मालिक की जानकारी और सहमति से चल रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 3/4/5/7 अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 के तहत मुकदमा दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है।

