हाथरस: हाथरस में राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैया का सनातन सत्याग्रह आज 9वें दिन भी जारी है। UGC के नए नियमों (रोलबैक/नियमावली) और SC/ST एक्ट के विरोध में चल रहे इस आंदोलन को अब व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। आज हाथरस के युवाओं ने काफिले के रूप में शांति मार्च निकाला, जिसमें सैकड़ों समर्थक शामिल हुए। मार्च के दौरान “तिलक, तराजू और तलवार नहीं सहेंगे अत्याचार”, “पंकज भैया जिंदाबाद”, “पंकज धवरैया तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं”, “हम सब पंकज धवरैया हैं” जैसे नारे लगाए गए।
सत्याग्रह की पृष्ठभूमि
पंकज धवरैया ने मूल रूप से 7 फरवरी को हाथरस से दिल्ली तक सनातन स्वाभिमान पदयात्रा निकालने की योजना बनाई थी, लेकिन प्रशासन ने धारा 144 के तहत रोक लगा दी और उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया। इसके विरोध में उन्होंने अपने आवास (कंचन नगर/आगरा रोड) के बाहर अनवरत धरना शुरू किया, जिसे बाद में सनातन सत्याग्रह नाम दिया गया। धरना खुले आसमान के नीचे चल रहा है, जहां पुलिस का कड़ा पहरा है। समर्थकों का कहना है कि मांगें (UGC नियमावली वापस लेना और SC/ST एक्ट समाप्त करना) पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
आज का शांति मार्च और जनसमर्थन
- युवा और समर्थक सड़कों पर उतरे, हाथों में पंपलेट लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
- नारे: UGC वापस करो, SC/ST एक्ट वापस करो, पंकज धवरैया जिंदाबाद।
- उद्देश्य: लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना।
- जगह-जगह समर्थक सड़कों पर आंदोलन करते दिखे, लेकिन पूरी तरह संवैधानिक और शांतिपूर्ण रहा।
- सत्याग्रह स्थल पर पंकज धवरैया अडिग हैं और कह रहे हैं कि पुलिस सरकार के निर्देश पर काम कर रही है, लेकिन वे अपनी मांगों पर डटे रहेंगे।
प्रमुख मांगें और समर्थन
- UGC के नए बिल/नियमावली का विरोध (आरक्षण या अन्य नियमों से जुड़ा माना जा रहा है)।
- SC/ST एक्ट को समाप्त करने की मांग।
- पहले दिन से धरने को समर्थन मिला: यति नरसिंहानंद गिरी महाराज, संत समाज, अधिवक्ता, किसान नेता, ब्राह्मण समाज आदि पहुंचे।
- समर्थकों ने उन्हें दूध से नहलाया, कैंडल मार्च निकाले गए।
- पंकज धवरैया का कहना है कि सवर्ण समाज अब जाग चुका है और बच्चों के भविष्य के लिए सड़कों पर उतरना जरूरी है।
- रिपोर्ट – सुनील भारद्वाज

