अलीगढ़: अलीगढ़ जनपद की इगलास तहसील के हाथरस रोड स्थित गांव तोछिगढ़ दया नगर में शुक्रवार (13 फरवरी 2026) को खेतों के पास शीशम के पेड़ पर दो वन्य जीव दिखने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि पेड़ पर दो तेंदुए के बच्चे (leopard cubs) बैठे थे, जिससे आसपास के गांवों से भी लोग मौके पर पहुंच गए। भीड़ जुटने के बाद दोनों जानवर जंगल की ओर चले गए। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें ग्रामीणों की दहशत साफ दिख रही है।

ग्रामीणों में दहशत का माहौल

ग्रामीणों का कहना था कि अगर ये तेंदुए हैं तो गांव में घुसकर किसी इंसान या पशु पर हमला कर सकते हैं। कई लोगों ने डर से घरों में रहना शुरू कर दिया और बच्चों को बाहर न जाने की सलाह दी गई। घटना के बाद गांव में अफवाहें फैल गईं कि तेंदुए का परिवार आसपास घूम रहा है।

वन विभाग की जांच और स्पष्टीकरण

सूचना मिलते ही इगलास रेंज की वन टीम मौके पर पहुंची। रेंजर सरबीर भारती ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि ये तेंदुआ नहीं, बल्कि जंगली बिल्ली (wild cat या jungle cat) हैं। टीम ने पेड़ के नीचे मिले पंजों के निशान (paw prints) और अन्य सुरागों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला।

रेंजर सरबीर भारती ने बताया: “सूचना मिली थी कि पेड़ पर तेंदुए हैं, लेकिन पहुंचने तक जानवर जा चुके थे। निशानों से साफ है कि ये जंगली बिल्लियां हैं, जो इस क्षेत्र के जंगलों में आम हैं।”

तेंदुआ और जंगली बिल्ली में मुख्य अंतर

  • आकार: तेंदुआ बड़ा और मजबूत (वयस्क 50-90 किलो तक), जंगली बिल्ली छोटी (5-15 किलो)।
  • रंग और धब्बे: तेंदुए पर बड़े काले रोसेट (rose-like spots), जंगली बिल्ली का रंग हल्का भूरा/पीला-भूरा, धब्बे छोटे या हल्के।
  • शिकार: तेंदुआ बड़े शिकार (हिरण, बकरी आदि) करता है, जंगली बिल्ली छोटे जीव (चूहे, पक्षी, सांप)।
  • व्यवहार: तेंदुआ अकेला और छिपकर शिकार करता है, जंगली बिल्ली अधिक दिन में सक्रिय रह सकती है।

वन विभाग की अपील

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है:

  • किसी भी वन्य जीव की सूचना तुरंत विभाग को दें (हेल्पलाइन: 112 या स्थानीय वन रेंज ऑफिस)।
  • भीड़ न लगाएं, जानवर को उकसाएं नहीं – इससे जानवर आक्रामक हो सकता है।
  • अफवाहों से बचें और सोशल मीडिया पर बिना जांच वीडियो शेयर न करें।

यह घटना उत्तर प्रदेश में मानव-वन्यजीव संघर्ष के बढ़ते मामलों को दर्शाती है, जहां अक्सर जंगली बिल्लियों या अन्य छोटे जानवरों को तेंदुए समझ लिया जाता है। अलीगढ़ जिले में पिछले कुछ सालों में तेंदुओं की असली घटनाएं भी हुई हैं, लेकिन इस बार जांच से साफ हुआ कि दहशत की वजह गलत पहचान थी।

  • रिपोर्ट – संजय भारद्वाज

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