आगरा। अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान में यूपी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नोएडा एसटीएफ और आगरा पुलिस की संयुक्त टीम ने थाना एकता क्षेत्र में 50 हजार रुपये के इनामी कुख्यात शूटर पवन बंसल उर्फ कल्लू को मुठभेड़ में मार गिराया। शुक्रवार शाम करीब 8:30 बजे शुरू हुई यह मुठभेड़ 15-20 मिनट तक चली, जिसमें बदमाश ने पुलिस पर करीब 20 राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने 5 राउंड फायर किए, जिसमें एक गोली पवन के सीने में लगी। उसे तत्काल एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
एसटीएफ नोएडा के एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि बदमाशों ने आत्मसमर्पण करने से इनकार कर फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ में दो सिपाही घायल हुए। एसटीएफ इंस्पेक्टर केशव की बुलेटप्रूफ जैकेट ने उनकी जान बचाई, गोली जैकेट में लगी। घायलों का इलाज जारी है।
बरामद हथियार और क्राइम कुंडली:
- मौके से 9MM पिस्टल बरामद हुई, जो 2016 में थाना बिसरख (गौतमबुद्ध नगर) में कांस्टेबल मोनू धीमन से लूटी गई थी (तब वह एडीजे की पीएसओ ड्यूटी पर थे)।
- एक मेड इन इटली पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस भी मिले।
- 35 वर्षीय पवन गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र के सिरौली गांव का निवासी था। उसके खिलाफ हत्या के 4, रंगदारी के 2 सहित कुल 18 संगीन मामले दर्ज थे। 2021 में एक हत्या केस में 1 लाख का इनाम था (बाद में 50 हजार का)। वह दिल्ली से गिरफ्तार होकर जेल गया था।
गैंगस्टर कनेक्शन और अपराध की शुरुआत:
पुलिस के अनुसार, पवन कुख्यात गैंगस्टर रणदीप भाटी और अमित कसाना गैंग का शूटर था। जेल में वह हरियाणा के हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़ा। 2025 में रिहा होने के बाद पश्चिमी यूपी और दिल्ली में रंगदारी मांग रहा था।
जमीन विवाद से बना खूंखार: पिता संतराम की मौत के बाद चाचा जैनेंद्र और सुरेंद्र ने जमीन हड़प ली। दिसंबर 2020 में उसने दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी। उसके बाद लोनी के होटल संचालक से 20 लाख की रंगदारी मांगी। गांव में उसका खौफ इतना था कि उसके आने पर सन्नाटा छा जाता था।
पुलिस का दावा: पवन दिल्ली-पश्चिमी यूपी में किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहा था। उसकी मौत को कानून-व्यवस्था में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

