फतेहाबाद/आगरा: सैदपुर स्थित मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत पुराण कथा के आठवें एवं अंतिम दिन भव्य एवं भावपूर्ण समापन हुआ। अंतिम दिवस पर भागवताचार्य वेदनारायण दीक्षित ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा के पावन चरित्र का मार्मिक चित्रण किया।

सुदामा चरित्र की कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा वातावरण भक्ति रस में डूब गया।भागवताचार्य वेदनारायण दीक्षित ने कहा कि सुदामा चरित्र सच्ची मित्रता, विनम्रता और निष्काम भक्ति का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण अपने भक्त की भावना देखते हैं, न कि उसकी संपन्नता। निर्धन सुदामा का भगवान द्वारा किया गया आदर-सत्कार यह संदेश देता है कि ईश्वर के द्वार पर सभी समान हैं।

सुदामा-कृष्ण मिलन का प्रसंग सुनाते समय आचार्य के भावपूर्ण शब्दों से श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।कथा के समापन अवसर पर श्रीमद्भागवत पुराण की आरती संत भगवत स्वरूप जी महाराज द्वारा विधिवत रूप से उतारी गई। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ भक्ति भाव प्रकट किया।

आठ दिनों तक चली इस श्रीमद्भागवत कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने बताया कि कथा के उपरांत प्रसाद वितरण शनिवार को किया जाएगा। समिति के सदस्यों ने कथा व्यास, संतजनों एवं समस्त श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

  • रिपोर्ट – सुशील गुप्ता

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