प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेला 2026 में गुरुवार रात एक बार फिर आग की भयानक घटना सामने आई है। सेक्टर-5 में स्थित एक कैंप में लगी आग में मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी (डीएम) उमेश मिश्रा के रिश्ते में भतीजे मानस मिश्रा (22 वर्ष) की जलकर मौत हो गई। यह घटना पिछले 48 घंटों में मेला क्षेत्र में आग लगने की तीसरी घटना है, जिसने मेला प्रशासन की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना का विवरण

घटना गुरुवार (15 जनवरी 2026) रात करीब 9:30 बजे की है। पुरानी रेलवे लाइन और गणपति-अन्नपूर्णा मार्ग के चौराहे के पास स्थित कैंप में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही टेंट पूरी तरह जलकर राख हो गया। इस दौरान टेंट में सो रहे मानस मिश्रा बुरी तरह झुलस गए। उन्हें तत्काल स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल ले जाया गया, जहां 2-3 घंटे बाद उनकी मौत हो गई।

मानस मिश्रा माघ मेले में कल्पवास कर रहे थे। कैंप इंचार्ज योगेश मिश्रा ने बताया कि कैंप में एक अखंड ज्योति जल रही थी, जो संभवतः आग लगने का कारण बनी। हालांकि, आग के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।

48 घंटों में तीन आग की घटनाएं

यह घटना मेला क्षेत्र में हाल की लगातार आग की घटनाओं की कड़ी है:

पहली घटना (13 जनवरी 2026): सेक्टर-5 में नारायण शुक्ला धाम कैंप में आग लगी, जिसमें 15 टेंट और करीब 20 दुकानें जलकर खाक हो गईं। एक कल्पवासी घायल हुआ था। कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया।

दूसरी घटना (14 जनवरी 2026): सेक्टर-4 में स्वामी राम सेवक कैंप में आग लगी, जिसमें 20 से अधिक टेंट प्रभावित हुए। यहां भी कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घना धुआं 5 किमी दूर से दिखाई दिया। आग पर काबू पाने के लिए 10 फायर टेंडर और 30 फायर कर्मी लगे।

तीसरी घटना (15 जनवरी 2026): उपरोक्त वर्णित घटना, जिसमें पहली बार जनहानि हुई।

मेला सीएफओ अनिमेष सिंह ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया। हालांकि, लगातार घटनाओं से कल्पवासियों में दहशत है।

सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल

माघ मेला, जो मकर संक्रांति के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, में अग्नि सुरक्षा की कमी उजागर हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि शॉर्ट सर्किट, दीये या अखंड ज्योति जैसे पारंपरिक स्रोत आग का प्रमुख कारण बन रहे हैं। प्रशासन ने दावा किया है कि मेला क्षेत्र में फायर वॉच टावर, सीसीटीवी और फायर ब्रिगेड की पर्याप्त व्यवस्था है, लेकिन घटनाओं की संख्या से यह अपर्याप्त साबित हो रही है। 

मेला पुलिस के अनुसार, सभी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई से बड़े नुकसान को रोका गया, लेकिन अब अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की मांग हो रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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