मथुरा। चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय गौ-संरक्षण अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनपद में संचालित गौ-संरक्षण योजनाओं, गौआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं, संरक्षण कार्यों की प्रगति तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी गौआश्रय स्थलों पर स्वच्छता, चारा, पेयजल, छाया, शेड एवं पशु-चिकित्सा सुविधाएं मानक के अनुरूप सुनिश्चित हों। सर्दी के मद्देनज़र अलाव, शेड, खिड़की-दरवाजों को बोरे से ढकने तथा फर्श पर पुआल/भूसा बिछाने के निर्देश दिए गए। लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी।

बैठक में गौआश्रय स्थलों की क्षमता, वर्तमान गोवंश संख्या, चारा उपलब्धता, भूसा भंडारण तथा ठंड से बचाव की तैयारियों की समीक्षा हुई। निराश्रित गोवंश को चिन्हित कर नियमानुसार गौआश्रय स्थलों में संरक्षित करने और सड़कों/खुले स्थलों पर विचरण की समस्या के स्थायी समाधान के निर्देश दिए गए।

मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना ने बकरी, सूअर व भेड़ पालन योजनाओं में पात्र लाभार्थियों को जोड़ने, केयर-टेकर का अनिवार्य सत्यापन कराने तथा सभी गौशालाओं में सीसीटीवी/सीपी प्लस कैमरे लगवाने के निर्देश दिए। साथ ही भूसा संग्रहण में कम से कम 40% वृद्धि के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी नरेंद्र नारायण शुक्ला, जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल, नगर निकायों के जनप्रतिनिधि, समस्त खंड विकास अधिकारी व संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।जिलाधिकारी ने निर्देशों के कड़ाई से अनुपालन और प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

राहुल गौड एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में सक्रिय रहते हुए उन्होंने विभिन्न समाचार माध्यमों के लिए निष्पक्ष और प्रभावशाली रिपोर्टिंग की है। उनके कार्य में स्थानीय मुद्दों की गंभीर समझ और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता की झलक मिलती है।

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