बस्ती। काम के अधिकार की रक्षा के लिये कांग्रेस ‘ मनरेगा बचाओ संग्राम’ का राष्ट्रव्यापी अभियान चला रही है। 10 से 25 फरवरी तक कांग्रेस जमीनी स्तर पर यह संदेश लेकर जायेगी कि मनरेगा का नाम बदलकर भाजपा की सरकार ने जो नया कानून वीबीजीआरएएमजी कानून लागू किया है उसने काम के अधिकार की वैधानिक गारंटी समाप्त कर दिया है। शनिवार को कांग्रेस कार्यालय पर उपाध्यक्ष डा. वाहिद अली सिद्दीकी, संदीप श्रीवास्तव, अलीम अख्तर, मनरेगा समन्वयक साधू शरन आर्य, कांग्रेस नेता डा. आलोक रंजन वर्मा ने पत्रकारों से वार्ता करते हुये कहा कि मनरेगा ग्रामीण आजीविका का महत्वपूर्ण रीढ था किन्तु भाजपा ने उसके मूल चेतना पर हमला कर नये कानून में काम के अधिकार को समाप्त कर दिया है। इससे मनरेगा मजदूरों के अस्तित्व के साथ ही उनके कार्य करने के अधिकार पर खतरा मड़रा रहा है। कांग्रेस इस जन विरोधी निर्णय के मामले में चुप नहीं रहेगी और 25 फरवरी तक चरणबद्ध ढंग से आन्दोलन कर इसे आम जनता तक ले जाया जायेगा।
प्रेस वार्ता में चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डा.सुरेन्द्र चौधरी, अनिल तिवारी, बसन्त कुमार चौधरी आदि शामिल रहे।

