आगरा |जिला नजर|गोविन्द पाराशर

प्रेम, सौंदर्य और संस्कृति के प्रतीक ताजमहल की पावन छाया में सजे ताज महोत्सव के भव्य मंच ने इस बार केवल सांस्कृतिक रंगों को ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा को भी मुखर होते देखा। ‘ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन’ (आगरा) द्वारा आयोजित पत्रकार अधिवेशन एवं संगोष्ठी ने इस ऐतिहासिक अवसर को विचार और विमर्श का जीवंत उत्सव बना दिया।

दीप प्रज्वलन के साथ प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जैसे ही दीप की लौ प्रज्वलित हुई, वैसे ही पत्रकारिता की सत्यनिष्ठा और सामाजिक दायित्व की आभा मंच पर फैल गई। मंत्री ने पत्रकारों को लोकतंत्र का “सबसे सशक्त स्तंभ” बताते हुए उनकी निष्पक्षता और साहस की सराहना की।

कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह

मीडिया: सत्य का सेतु, जनता का विश्वास

अपने ओजपूर्ण संबोधन में कैबिनेट मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मीडिया शासन और जनता के बीच वह अटूट सेतु है, जो व्यवस्था की कमियों को बेखौफ उजागर करता है।
उन्होंने कहा,

“अखबार की स्याही में छपी हर पंक्ति पर आम आदमी का विश्वास टिका होता है। पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का दायित्व है।”

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार पत्रकारों की स्वतंत्रता और सम्मान के साथ खड़ी है। उनके शब्दों ने सभा में उपस्थित हर कलमकार के भीतर नई ऊर्जा का संचार किया—मानो सत्य की ज्योति और अधिक प्रखर हो उठी हो।

डॉ. मंजू भदौरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष – आगरा

ग्रामीण पत्रकारों को स्थायी आश्रय मिलने आश्वासन

अधिवेशन में एक ऐतिहासिक घोषणा भी हुई।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू भदौरिया ने ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के लिए शीघ्र ही स्थायी बैठक स्थल एवं कार्यालय उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
जिलाध्यक्ष विष्णु सिकरवार की इस मांग को स्वीकारते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के पत्रकार लोकतंत्र की जमीनी हकीकत को सामने लाते हैं, और उन्हें सशक्त आधार प्रदान करना समय की आवश्यकता है।
यह घोषणा ग्रामीण पत्रकारों के लिए एक नए युग का द्वार खोलने जैसी रही।

देवी प्रसाद गुप्ता– राष्ट्रीय अध्यक्ष ग्रापए

डिजिटल युग में सत्यनिष्ठा की चुनौती

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष देवी प्रसाद गुप्ता ने तकनीकी क्रांति के दौर में पत्रकारिता की बदलती चुनौतियों पर गहन विचार रखे।

“तकनीक बदल सकती है, माध्यम बदल सकते हैं, पर पत्रकार की असली पहचान उसकी सत्यनिष्ठा और सामाजिक उत्तरदायित्व ही है। कलम की ताकत कभी समाप्त नहीं होती, उसे केवल सही दिशा चाहिए।”देवी प्रसाद गुप्ता

कार्यक्रम की अध्यक्षता विष्णु सिकरवार ने की, जबकि प्रदेश प्रभारी श्यामसुंदर पाराशर ने संचालन की जिम्मेदारी बखूबी निभाई।

गरिमामयी उपस्थिति: लोकतंत्र का जीवंत चित्र

इस ऐतिहासिक आयोजन में समाज और शासन के अनेक प्रतिष्ठित चेहरे उपस्थित रहे। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, विधायक भगवान सिंह कुशवाह, डॉ. जी.एस. धर्मेश, पूर्व मंत्री उदयभान सिंह, पूर्व विधायक महेश गोयल,अखिलेश सक्सेना ( मंडल अध्यक्ष -आगरा ), वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना,   वरिष्ठ पत्रकार डा0 गिरजा शंकर शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी पर्यटन आगरा शक्ति सिंह क्षेत्रीय जिला सूचना अधिकारी शैलेन्द्र शर्मा,डीके सिंह जिलाध्यक्ष फिरोजाबाद, राजेंद्र शुक्ला, स्वागताध्यक्ष कुलदीप गर्ग चेयरमेन जगनेर एवं मनोज परमार प्रधान,कमलबिहारी मुखिया,अशोक शर्मा, ओमप्रकाश सविता, रामहेत शर्मा,राजेश शर्मा,संत कुमार भारद्वाज (मंडल महासचिव -आगरा ), छत्रपाल सिंह, महावीर वर्मा,राजेश दुवे,सुरेश जारोलिया, प्रमेंद्र फौजदार,श्रीकांत पाराशर, दिलीप गुप्ता,राकेश जैन,मुकेश शर्मा, गोविंद पाराशर, प्रमोद सिंघल,शिवम सिकरवार,नीलम ठाकुर,चौबसिंह सक्सेना, नीरज परिहार,सुमित गर्ग नवीन राजावत,अतुल गुप्ता अमित त्यागी, दीनदयाल मंगल,पिंटू छोकर, भोज कुमार फौजी, प्रतिमा शर्मा,मनीषा सिंह,अजय मोदी, नीरज शुक्ला, इंद्रेश तोमर,मनोज शर्मा,देवेश शर्मा,पवन शर्मा सहित आगरा मंडल के वरिष्ठ पत्रकार और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

इनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि लोकतंत्र के जीवंत चित्र में परिवर्तित कर दिया—जहाँ शासन और पत्रकारिता के बीच संवाद, सम्मान और सहयोग का अद्भुत संगम दिखाई दिया।

सत्य की गूँज, समाज का संदेश

ताज महोत्सव के मंच से उठी यह आवाज केवल पत्रकारों के सम्मान तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह संदेश भी दे गई कि जब कलम स्वतंत्र और निर्भीक होती है, तभी लोकतंत्र सशक्त होता है।
यह आयोजन पत्रकारिता की शक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व और सत्य की विजय का ऐतिहासिक प्रमाण बन गया—जहाँ ताज की शाश्वत सुंदरता के बीच कलम की अमर गूँज सुनाई दी।

error: Content is protected !!
Exit mobile version