आगरा/मथुरा। फर्जी मुकदमों के जरिए निर्दोषों को अपराधी बनाने वाली पुलिस व्यवस्था पर कानून का शिकंजा कस गया है। मथुरा के एक दलित परिवार के सदस्य को मोटरसाइकिल चोरी और लूट जैसे झूठे मामलों में फंसाने के गंभीर मामले में 33 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सीबीआई जांच की मंजूरी मिल गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बाद अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने जांच सीबीआई को सौंपने की संस्तुति की और हलफनामा दाखिल किया।
यह मामला 2018 का है, लेकिन हाल ही में 22 जनवरी 2026 को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की पुनर्विचार याचिका खारिज कर सीबीआई जांच के पुराने आदेश (6 सितंबर 2022) को बरकरार रखा। अब स्वतंत्र जांच CBI करेगी, जो पुलिस के दुरुपयोग पर बड़ा झटका है।
पीड़ित परिवार:
मथुरा हाईवे क्षेत्र निवासी सुमित कुमार के भाई पुनीत कुमार को 2018 में तत्कालीन एसओजी टीम ने फर्जी तरीके से उठाया। दो दिन अवैध हिरासत में रखकर थर्ड डिग्री दी गई, फिर गोविंद नगर थाना पुलिस के साथ मिलकर चोरी और लूट के 5 झूठे मुकदमे दर्ज कर जेल भेज दिया।
शिकायत और जांच:
सुमित कुमार ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में शिकायत की। आयोग के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय की विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच की, जिसमें 33 पुलिसकर्मी दोषी पाए गए।
हाईकोर्ट का फैसला:
2022 में हाईकोर्ट ने CBI जांच के आदेश दिए। सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की, लेकिन 22 जनवरी 2026 को खारिज कर दी गई। अब अपर मुख्य सचिव गृह ने हलफनामा दाखिल कर CBI को जांच सौंप दी।
परिवार पर कहर:
पुलिस ने पैरवी करने वाले सुमित को परेशान करने के लिए फिरोजाबाद में एक महिला को बहला-फुसलाकर अपहरण का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया (नाबालिग दिखाकर)। इसमें सुमित, उनके भाई दीपेंद्र कुमार (पुलिसकर्मी) और मां का नाम घसीटा। मानसिक प्रताड़ना से 2022 में सुमित की मां को ब्रेन हेमरेज हुआ और मौत हो गई। भाई दीपेंद्र निलंबित हुए (बाद में बहाल)। परिवार को भूमिगत होना पड़ा।
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दोषी पुलिसकर्मियों के नाम (मुख्य):
- इंस्पेक्टर हरवेंद्र मिश्रा (वर्तमान में आगरा एएनटीएफ में तैनात)
- हेड कांस्टेबल वसीम (एएनटीएफ)
- हेड कांस्टेबल लोकेश (आगरा जीआरपी)
- तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक राजेश सोनकर
- सीओ आलोक दुबे, प्रीति सिंह, विजय शंकर मिश्रा
- निरीक्षक शिव प्रताप सिंह, रामपाल सिंह, अवधेश त्रिपाठी, नितिन कसाना
- उप निरीक्षक प्रदीप कुमार (वर्तमान इंस्पेक्टर, फिरोजाबाद)
- अनिल कुमार, राजवीर सिंह, धर्मवीर कर्दम, रामफुल शर्मा, सुल्तान सिंह, विपिन भाटी, नरेंद्र कुमार, प्रमोद कुमार, सुदेश कुमार सहित अन्य। कई अभी भी विभिन्न जिलों में पदस्थ हैं।

