आगरा। उत्तर प्रदेश में फिजीशियन सैम्पल (डॉक्टर सैंपल), नकली और अवैध दवाओं के क्रय-विक्रय, भंडारण व वितरण पर लगाम कसने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की मुख्यालय स्तरीय टीम ने 22 फरवरी 2026 को आगरा शहर में बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया। फव्वारा, कमला मार्केट और अन्य इलाकों में की गई इस कार्रवाई में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिससे अवैध दवा माफिया पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
8000 प्रिंटेड लेबल के साथ संदिग्ध सामग्री जब्त
फव्वारा क्षेत्र की हींग गली निवासी जुबैर के घर पर छापेमारी के दौरान फोराकोर्ट इनहेलर दवा के 8000 प्रिंटेड लेबल बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में आशंका है कि इन लेबलों का इस्तेमाल नकली दवाएं पैक करने और बाजार में बेचने के लिए किया जा रहा था। पूरी सामग्री जब्त कर ली गई है और विस्तृत फोरेंसिक जांच शुरू हो गई है।
ट्रामाडॉल कैप्सूल और फिजीशियन सैम्पल का अवैध स्टॉक
कमला मार्केट के कॉमन कॉरिडोर में लावारिस हालत में Spasmoproxivon (ट्रामाडॉल) कैप्सूल और बड़ी संख्या में फिजीशियन सैम्पल बरामद किए गए। ट्रामाडॉल एक नशीली दवा है, जिसका दुरुपयोग ड्रग एडिक्शन में आम है। इनमें से 5 दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, जबकि बाकी स्टॉक विभागीय अभिरक्षा में ले लिया गया है।
विश्वनाथ फार्मा में 7.40 लाख कैश – बिक्री से ज्यादा
मेसर्स विश्वनाथ फार्मा की जांच में दुकान में 7.40 लाख रुपये नकद मिले, जो औसत दैनिक/मासिक बिक्री के अनुपात से कहीं अधिक है। विभाग अब नकदी का मिलान क्रय-विक्रय रजिस्टर से करेगा, ताकि संभावित अवैध कमाई या नकली दवा बिक्री का पता लगाया जा सके।
स्टॉक-लेजर में गड़बड़ी, दो गोदाम सील भगवती ड्रग सेंटर और तनु मेडिकल एजेंसी में स्टॉक और लेजर रिकॉर्ड में गंभीर विसंगतियां पाई गईं। तनु मेडिकल एजेंसी में फिजीशियन सैम्पल भी मिले, जिनके नमूने जांच के लिए संकलित किए गए। दुकान बंद मिलने के कारण दोनों गोदामों को सील कर दिया गया है। विभाग अब इन गोदामों की गहन जांच करेगा।
लाइसेंस उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
FSDA ने स्पष्ट किया है कि जिन दवा प्रतिष्ठानों में लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन पाया गया, उनके खिलाफ औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय) स्तर से नियमानुसार कार्रवाई होगी – जिसमें लाइसेंस रद्द करना, जुर्माना और कानूनी मुकदमा शामिल हो सकता है। इस छापेमारी से शहर के अवैध दवा कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
यह अभियान प्रदेशभर में चल रहे सघन चेकिंग का हिस्सा है, जहां नकली दवाएं, एंटीबायोटिक्स का दुरुपयोग और नशीली दवाओं (जैसे ट्रामाडॉल) का ब्लैक मार्केट बड़ा खतरा बन चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिजीशियन सैम्पल का अवैध बिक्री से मरीजों को सस्ती लेकिन खतरनाक दवाएं मिल रही हैं, जो स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकती हैं।
FSDA अधिकारियों ने कहा कि जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। यदि नमूनों में नकली/अवैध पदार्थ पाया गया, तो बड़े पैमाने पर FIR और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

