आगरा: आगरा जिले के कीठम इलाके में इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) की शाखा में 43 लाख 96 हजार 923 रुपये के बड़े गबन का मामला सामने आया है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन शाखा प्रबंधक ऐश्वर्या गौतम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को रायभा पुल के पास से पकड़ा गया और कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
जांच में सामने आया कि ऐश्वर्या गौतम ने शाखा प्रबंधक रहते हुए ग्रामीण ग्राहकों के खातों से फर्जी तरीके से रकम ट्रांसफर की। उन्होंने उच्च अधिकारियों के पासवर्ड का गलत इस्तेमाल कर पैसे अपने और अपनी पत्नी के खातों में डाले। यह हेराफेरी लंबे समय तक चलती रही, लेकिन बैंक के ऑडिट और ग्राहकों की शिकायतों के बाद मामला उजागर हुआ।
मुकदमा कब दर्ज हुआ?
इस प्रकरण में 16 जुलाई 2025 को थाना अछनेरा में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने आर्थिक अपराध की विभिन्न धाराओं (जैसे BNS की धारा 316(5) आदि) में जांच शुरू की। बैंक रिकॉर्ड, ट्रांजेक्शन डिटेल्स और साक्ष्यों की गहन पड़ताल के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का कहना:
अछनेरा पुलिस ने बताया कि जांच अभी जारी है। यह देखा जा रहा है कि क्या गबन में कोई अन्य व्यक्ति (बैंक कर्मचारी या बाहरी) शामिल था। बैंक प्रबंधन भी आंतरिक जांच कर रहा है। फिलहाल कीठम शाखा में पंकज गौतम वर्तमान शाखा प्रबंधक के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं।
यह घटना ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग विश्वास को झटका दे रही है। प्रभावित खाताधारक ज्यादातर ग्रामीण हैं, जिनके छोटे-मोटे बचत खातों से पैसे निकाले गए। ग्राहकों में चिंता है और वे बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता, निगरानी और साइबर सिक्योरिटी पर सवाल उठा रहे हैं। एक प्रभावित ग्राहक ने कहा, “हम जैसे गरीबों के पैसे ऐसे लूटे जाते हैं, बैंक को और सख्त होना चाहिए।”
बैंक फ्रॉड के बढ़ते मामले:
यूपी में बैंकिंग फ्रॉड के मामले बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पासवर्ड शेयरिंग, आंतरिक मिलीभगत और ऑडिट में ढिलाई ऐसे घोटालों को बढ़ावा देती है। RBI और बैंकिंग रेगुलेटर्स से सख्त दिशानिर्देशों की मांग हो रही है।

