आगरा। थाना सिकंदरा क्षेत्र में हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। अटूस निवासी ज्वैलर्स मुकेश वर्मा के बेटे राजा उर्फ प्रिंस की आत्महत्या के 36 दिन बाद अब पूरा मामला उजागर हो पाया है। फोन की स्क्रीन पर उभरे कुछ कॉल्स और मैसेज ने इस मौत के पीछे छिपे रैकेट का पूरा सच सामने ला दिया।

राजा उर्फ प्रिंस अपने पिता के साथ रायभा स्थित ज्वैलर्स की दुकान संभालते थे। परिवार के अनुसार, 19 अक्टूबर को राजा ने अचानक जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजन उसे बचाने की हर कोशिश में लगे रहे, लेकिन दिल्ली ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। उस समय परिवार सदमे में था, मगर असली झटका तब लगा जब 24 नवंबर को पिता ने पहली बार बेटे का मोबाइल खोला।

मोबाइल की कॉल हिस्ट्री देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। राजा को 19 अक्टूबर को ही कीर्ति नाम की युवती ने लगातार 53 कॉल किए थे। इतना ही नहीं, उसके साथी तरुण के 46 कॉल भी उसी दिन दर्ज थे। कई चैट और कॉल रिकॉर्डिंग से यह भी सामने आया कि तरुण एक युवती के साथ राजा के घर आया था।

पिता का आरोप है कि कीर्ति ने प्रेमजाल में फंसाकर राजा की अश्लील तस्वीरें ले ली थीं, जिन्हें आधार बनाकर वह उसे दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देती थी। पिता के अनुसार, कीर्ति और तरुण दोनों मिलकर बेटे से लगातार पैसे वसूलते थे। एक बार राजा ने घर पर बताया भी था कि रुपये न देने पर दोनों ने उसके साथ मारपीट की, मगर झूठे केस के डर और बेटे का भविष्य खराब होने के भय से परिवार ने विरोध नहीं किया।

राजा के पिता ने फोन में मिले डिजिटल सबूत कॉल रिकॉर्ड, चैट और अन्य जानकारी थाना सिकंदरा पुलिस को सौंप दी है। पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए कीर्ति और तरुण के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और अब दोनों की तलाश की जा रही है। यह मामला इलाके में चर्चाओं का विषय बना हुआ है और पुलिस इसे हनीट्रैप व ब्लैकमेलिंग के संगठित गिरोह की तरह देख रही है।

दैनिक जिला नज़र – (नजरिया सच का) प्रिंट & सोशल मीडिया न्यूज़ नेटवर्क दैनिक जिला नज़र सत्यनिष्ठ पत्रकारिता और जनपक्षीय विचारधारा का विश्वसनीय मंच है। हम समाचारों को केवल प्रसारित नहीं करते—बल्कि उन्हें प्रमाणिकता, नैतिकता और गहन विवेक के साथ पाठकों तक पहुँचाते हैं। स्थानीय सरोकारों से लेकर राष्ट्रीय मुद्दों तक, हर सूचना को हम निष्पक्ष दृष्टि, आधुनिक संपादकीय मानकों और जिम्मेदार मीडिया आचरण के साथ प्रस्तुत करते हैं। प्रिंट की गरिमा और डिजिटल की गति—दोनों का संतुलित संगम है "जिला नज़र"। हमारा ध्येय है— सत्य को स्वर देना, समाज को दिशा देना। दैनिक जिला नज़र जहाँ समाचार विश्वसनीयता की भाषा बोलते हैं।

error: Content is protected !!
Exit mobile version