आगरा: एत्मादपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नगला महासुख (या नगला परमसुख) में 28 वर्षीय समोद कुमार ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक जल जीवन मिशन (एनसीपी कंपनी) में कर्मचारी थे। परिजनों ने ब्लैकमेलिंग और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए 5-6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, जबकि दूसरा पक्ष प्रेम संबंध और जातिगत विवाद को घटना का कारण बता रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों के दावों की जांच शुरू कर दी है।

घटना का विवरण

परिजनों के अनुसार, समोद कुमार को लंबे समय से ब्लैकमेल किया जा रहा था। मृतक के छोटे भाई बृजभान सिंह (या बृजमान सिंह) ने तहरीर में आरोप लगाया कि आरोपी समोद से 25 लाख रुपये की मांग कर रहे थे और न देने पर बदनामी की धमकी दे रहे थे। लगातार दबाव से तनावग्रस्त समोद ने जहरीला पदार्थ खा लिया। तड़पते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई।

सुसाइड नोट में क्या लिखा?

परिजनों का दावा है कि समोद ने आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट लिखा, जिसमें ब्लैकमेलिंग, मानसिक प्रताड़ना और 25 लाख की मांग का स्पष्ट जिक्र है। नोट पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस ने कहा है कि सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग, सत्यता और अन्य साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।

नामजद आरोपी

मुकदमे में नामजद मुख्य आरोपी:

नाम निवासी/संबंध आरोप का मुख्य बिंदु
अंकित राजपूत नगला महादेव ब्लैकमेलिंग और धमकी
अंशु राजपूत नगला महादेव सहयोगी, रुपये ठगने में शामिल
अंजली कुमारी नगला महादेव मानसिक उत्पीड़न
अनु (अन्नू) अंकित की पत्नी, नगला महादेव ब्लैकमेल में भूमिका
रोहित राजपूत भीकनपुर, फिरोजाबाद धमकी और साजिश
विश्वप्रताप सिंह उर्फ छोटू (उल्लेखित) ब्लैकमेलिंग में शामिल (कुछ रिपोर्ट्स में 6वां नाम)

पुलिस ने इनके खिलाफ IPC की संबंधित धाराओं (जैसे 306 – आत्महत्या के लिए उकसाना, 384 – जबरन वसूली, 506 – आपराधिक धमकी) में मुकदमा दर्ज किया है।

दूसरा पक्ष का दावा: प्रेम संबंध और जाति विवाद

आरोपियों के पक्ष ने पुलिस को बताया कि समोद अंजली कुमारी से प्रेम करता था और शादी का दबाव बना रहा था। उसने खुद को राजपूत जाति का बताया था, लेकिन जांच में दूसरी जाति का पता चला। जब अंजली ने शादी से इनकार किया, तो समोद तनाव में था। उनका कहना है कि सुसाइड नोट में प्रेम विवाद का भी उल्लेख है, और ब्लैकमेलिंग का आरोप झूठा है।

पुलिस की जांच क्या कवर करेगी?

  • सुसाइड नोट की फॉरेंसिक और हैंडराइटिंग जांच
  • दोनों पक्षों के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR)
  • लेन-देन के सबूत (पैसे के ट्रांसफर, यदि कोई)
  • गवाहों के बयान और घटनास्थल का निरीक्षण
  • दोनों पक्षों की पृष्ठभूमि और संबंधों की पड़ताल

पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष होगी और हर पहलू देखा जाएगा। अभी तक कोई गिरफ्तारी की सूचना नहीं है, लेकिन जांच तेज है।

यह मामला ग्रामीण इलाकों में ब्लैकमेलिंग, प्रेम संबंधों और जातिगत मुद्दों से जुड़े तनाव को उजागर करता है। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच सच्चाई जांच से ही सामने आएगी।

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