मथुरा: यमुना एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर बड़ा हादसा होते-होते टल गया! गुरुवार (22 जनवरी 2026) तड़के करीब 5:15 बजे राया थाना क्षेत्र के माइलस्टोन 110 के पास बांदा से दिल्ली जा रही एक स्लीपर बस (रजि. नंबर UP 90 AT 8837) में भीषण आग लग गई। बस राज कल्पना/संस्कार ट्रैवल्स की थी और इसमें 40 से 60 यात्री सवार थे (कुछ रिपोर्ट्स में 60+ का जिक्र)। आग लगते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन चालक की त्वरित सूझबूझ और यात्रियों की बहादुरी से सभी सुरक्षित बाहर निकल आए। किसी की मौत या गंभीर चोट की सूचना नहीं है।

घटना कैसे हुई?

बस बुधवार शाम (21 जनवरी) बांदा से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। इसमें दो ड्राइवर, एक कंडक्टर और यात्री (20 पुरुष, 10 महिलाएं, 10 बच्चे) सवार थे। सुबह अधिकतर यात्री सो रहे थे, तभी तेज धमाके की आवाज आई। यात्रियों की नींद खुली तो बस में धुआं भर चुका था और पीछे की तरफ आग की लपटें उठ रही थीं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आग का कारण पीछे के टायर का ब्रेक जाम होना या टायर फटना बताया जा रहा है, जिससे ओवरहीटिंग हुई और आग लग गई।

यात्रियों का बचाव कैसे हुआ?

यात्रियों के अनुसार, धुआं देखकर चालक ने बस को सड़क किनारे रोका। कुछ रिपोर्ट्स में यात्रियों का आरोप है कि ड्राइवर और कंडक्टर पहले नीचे उतरकर भाग गए, लेकिन अधिकांश न्यूज़ सोर्स (जागरण, द प्रिंट, न्यू इंडियन एक्सप्रेस) चालक की सूझबूझ की तारीफ कर रहे हैं – उन्होंने बस रोकी और यात्रियों को निकालने में मदद की। यात्रियों ने खिड़कियां तोड़कर, दरवाजों से कूदकर अपनी जान बचाई। कुछ यात्री ड्राइवर सीट से उतरकर स्थिति चेक करने लगे, जिससे बाकी लोग जाग गए और बाहर निकले। बस में रखा सामान जलकर राख हो गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन:

राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। राया थाना प्रभारी रवि भूषण शर्मा के मुताबिक, पुलिस, एक्सप्रेसवे रेस्क्यू टीम और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सभी यात्रियों को दूसरी बस में बैठाकर उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।

एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के सवाल:

यह घटना दिसंबर 2025 के उस भीषण हादसे की याद ताजा कर रही है, जब कोहरे के कारण माइलस्टोन 127 पर कई वाहन टकराए और आग लगने से 13 लोगों की मौत हो गई थी। यमुना एक्सप्रेसवे पर लगातार हादसे हो रहे हैं – टायर फटना, ब्रेक फेल, ओवरस्पीडिंग जैसी वजहें सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्राइवेट बसों में फायर सेफ्टी इक्विपमेंट (फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी एग्जिट) की कमी और मेंटेनेंस की लापरवाही बड़ी वजह है।

  • रिपोर्ट – राहुल गौड़

दैनिक जिला नज़र – (नजरिया सच का) प्रिंट & सोशल मीडिया न्यूज़ नेटवर्क दैनिक जिला नज़र सत्यनिष्ठ पत्रकारिता और जनपक्षीय विचारधारा का विश्वसनीय मंच है। हम समाचारों को केवल प्रसारित नहीं करते—बल्कि उन्हें प्रमाणिकता, नैतिकता और गहन विवेक के साथ पाठकों तक पहुँचाते हैं। स्थानीय सरोकारों से लेकर राष्ट्रीय मुद्दों तक, हर सूचना को हम निष्पक्ष दृष्टि, आधुनिक संपादकीय मानकों और जिम्मेदार मीडिया आचरण के साथ प्रस्तुत करते हैं। प्रिंट की गरिमा और डिजिटल की गति—दोनों का संतुलित संगम है "जिला नज़र"। हमारा ध्येय है— सत्य को स्वर देना, समाज को दिशा देना। दैनिक जिला नज़र जहाँ समाचार विश्वसनीयता की भाषा बोलते हैं।

error: Content is protected !!
Exit mobile version