आगरा: जिले में एक बार फिर साइबर ठगों की क्रूरता सामने आई है। इस बार ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग जैसे संगीन अपराध का झूठा डर दिखाकर 72 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक को मानसिक रूप से तोड़ दिया और उनकी जीवनभर की कमाई से 20 लाख रुपये ठग लिए। यह पूरी घटना महज एक फोन कॉल से शुरू हुई, जिसने पीड़ित और उनके परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया।
पीड़ित की पहचान और ठगी का तरीका
पीड़ित हरिवंच पुत्र रोशन लाल, निवासी कुकावर, बिरहरू (आगरा) को अक्टूबर 2025 के अंत में फोन आया। कॉल करने वालों ने खुद को जांच एजेंसी (जैसे CBI, ED या पुलिस) का अधिकारी बताया। उन्होंने दावा किया कि:
- पीड़ित के आधार कार्ड का दुरुपयोग करके 6 करोड़ रुपये से ज्यादा का मनी लॉन्ड्रिंग फ्रॉड हुआ है।
- उनके खिलाफ केस दर्ज है और अगर किसी को बताया तो तुरंत गिरफ्तारी हो जाएगी।
लगातार डर और दबाव की रणनीति
ठगों ने लगातार फोन कॉल, व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल माध्यमों से संपर्क बनाए रखा। उन्होंने पीड़ित से बैंक डिटेल्स, OTP, पर्सनल जानकारी हासिल की। डर के माहौल में दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में अलग-अलग तारीखों पर कुल 20 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।
च्चाई सामने आने पर शिकायत
कुछ दिनों बाद जब पीड़ित को लगा कि यह सब फर्जी है, तब उन्होंने आगरा साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस जांच और रिकवरी के प्रयास
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। जांच में शामिल है:
- बैंक ट्रांजेक्शन की डिटेल
- डिजिटल ट्रेल
- पैसे ट्रांसफर हुए खातों की गहन जांच
पीड़ित की दर्द भरी कहानी
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वे शारीरिक रूप से अस्वस्थ हैं और इस घटना से उनका परिवार पूरी तरह टूट गया है। 72 साल की उम्र में जीवनभर की जमा-पूंजी चली गई, जो उनके लिए बहुत बड़ा सदमा है।

