रिपोर्ट 🔹आकाश भारद्वाज

शमशाबाद/आगरा।  मांग थी सिर्फ एक मोटरसाइकिल और एक लाख रुपये की… लेकिन जब यह नहीं मिला, तो चुकानी पड़ी एक बेटी की जान से कीमत!

उत्तर प्रदेश के आगरा थाना शमशाबाद क्षेत्र में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। 45 दिन पहले जिस घर में शहनाइयाँ बजी थीं, अब वहीं से चीखों की गूंज उठ रही है। नवविवाहिता अंकिता की संदिग्ध मौत और गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार की कोशिश ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है।

जलती चिता… अधजला सच!

जब अंकिता के मायके वाले श्मशान घाट पहुंचे, तब तक उसका शव पूरी तरह जल चुका था। लेकिन पुलिस समय पर पहुंची और जलती चिता से अवशेष निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे।

पिता गोपाल सिंह की आँखों में खून उतर आया:

“बेटी को उन्होंने मारा है… दहेज नहीं मिला तो जला डाला मेरी बच्ची को!” — कहते हुए गोपाल सिंह का गला भर आया।

सूत्रों के मुताबिक, शादी के बाद से ही अंकिता और उसकी बहन बंदना को ससुराल में दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था। दोनों बहनें मायके लौट आई थीं, लेकिन 16 अप्रैल को पति सोनू उसे वापस ले गया… और फिर 24 घंटे के अंदर मौत की खबर आ गई।

क्या बेटियों की कीमत सिर्फ एक बाइक और कुछ नोट रह गई है?

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी फरार हैं। चिता से उठता धुंआ अब न्याय की माँग कर रहा है।

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