आगरा। आर्य समाज जयपुर हाउस और नाई की मंडी की ओर से जयपुर हाउस स्थित आर्य समाज मंदिर में भारत-पाकिस्तान संबंधों और सैन्य पराक्रम पर केंद्रित काव्य पाठ एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य था राष्ट्र प्रेम और सैन्य मनोबल को मजबूती देना।

कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व ग्रुप कैप्टन जयपाल सिंह चौहान और राष्ट्रीय कवयित्री डॉ. रुचि चतुर्वेदी ने ध्वजारोहण के साथ किया। आर्यवीर जयपाल सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा, ये नया भारत है जो आतंक को घर में घुसकर मारता है। अब आतंकी हमला युद्ध की तरह माना जाएगा। सेना और नेतृत्व पर भरोसा रखें, वे पूरी निष्ठा से राष्ट्र सेवा में जुटे हैं।

कवयित्री डॉ. रुचि चतुर्वेदी के ओजस्वी काव्य पाठ ने वातावरण को भाव-विभोर कर दिया-
“दुश्मन के सम्मुख चट्टानी खड़ी सोफिया तनकर…” और “सीमा पर जागे रहना तुम, गांव की चिंता मत करना…” जैसी पंक्तियों पर सभागार तालियों से गूंज उठा।

कार्यक्रमसंयोजक सीए मनोज खुराना ने बताया कि यह आयोजन न केवल सेना को सम्मान देने का प्रयास है, बल्कि ऋषि दयानंद सरस्वती के विचारों की पुनः स्थापना भी है, जिन्होंने सत्यार्थ प्रकाश में शासन और नागरिकों के कर्तव्यों को स्पष्ट किया था।

गोष्ठी में वक्ताओं ने अपने विचारों को कविता, वक्तव्य और नारों के माध्यम से प्रस्तुत किया। अंत में वंदे मातरम् और भारत माता की जय के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।

इस मौके पर उपस्थित विशिष्ट जनों में भारत भूषण सामा, अनुज आर्य, विकास आर्य, विजयपाल सिंह चौहान, अश्विनी डेंबला, सुमन कुलश्रेष्ठ, सीमा डेंबला सहित कई गणमान्य नागरिक शामिल थे।

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