मथुरा: शुक्रवार की रात मथुरा के धौरेरा गांव में उस वक़्त सनसनी फैल गई, जब एक मां ने ही अपनी 22 साल की बेटी को मौत के घाट उतारने की कोशिश की! वजह? सिर्फ़ इतनी कि बेटी ने मानसिक बीमारी की दवा खाने से मना कर दिया था।

धारदार हथियार से किए गए इस खौफनाक हमले में एकता मिश्रा नाम की युवती लहूलुहान होकर ज़मीन पर गिर पड़ी। सिर और गर्दन पर कई वार किए गए थे। पड़ोसियों ने समय रहते उसे बचाया और सौ शैय्या अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

फिर मां ने रची झूठ की कहानी

हमले के बाद नीलम मिश्रा ने अपने पति राकेश मिश्रा को फोन कर कहा — “कुछ अज्ञात लोग घर में घुस आए और एकता पर हमला कर दिया!” लेकिन जब पुलिस ने तह तक जांच की तो सच्चाई किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं निकली।

पिता ने खुद दर्ज कराया पत्नी पर मुकदमा

पंडित राकेश मिश्रा, जो बाहर पंडिताई के लिए गए थे, बेटी की हालत सुनते ही मथुरा लौटे और थाने पहुंचकर अपनी पत्नी के खिलाफ बेटी पर जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया।

पुलिस पूछताछ में खुला राज

सीओ सदर संदीप कुमार ने बताया कि पूछताछ में महिला ने खुद कबूल किया कि दवा न खाने पर गुस्से में आकर उसने बेटी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। मां को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है।

अब सवाल उठते हैं…

  • क्या मानसिक बीमारी से जूझती बेटी की तकलीफ़ मां नहीं समझ पाई?

  • या फिर मां खुद मानसिक दबाव में आकर हैवान बन गई?

  • क्या यह मामला सिर्फ़ गुस्से का है या इसके पीछे कोई और गहरी साज़िश?

जो भी हो, मथुरा के शांत गांव में रिश्तों की यह खूनी कहानी अब पुलिस की फाइलों में दर्ज एक हाई-प्रोफाइल केस बन चुकी है।

  • रिपोर्ट – राहुल गौड़

 

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